जिंदगी पल पल हँसाती ही रही

17352106_1240535656015654_5951207900813370930_n

2122-2122-212

जिंदगी पल पल हँसाती ही रही,
प्यार में जीना सिखाती ही रही !

मौत आती है बिना दस्तक दिये,
सोच उसकी पर डराती ही रही !

खोजते ही रह गये हम शाद पल,
याद आ कर फिर सताती ही रही !

मेरी तन्हाई बदौलत है तेरे,
शाम डर से मूँह छिपाती ही रही !

वो कभी तो प्यार कर लेगा मुझे,
इल्तज़ा दिल को लुभाती ही रही !

भूलना आसाँ नहीं होता कभी,
बात वो यादें दिलाती ही रही !

महफिलों में ‘नीर’ का अब क्या रहा,
वो ग़ज़ल सब कुछ बताती ही रही !

नीशीत जोशी ‘नीर’

Advertisements

પ્રતિસાદ આપો

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / બદલો )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / બદલો )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / બદલો )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / બદલો )

Connecting to %s