न जानते थे कोई भी सुखन लिखना

photo.php

तुने अलविदा कहने की जरुरत समझी,
मिरे अश्को ने बहने की जरुरत समझी,

न जानते थे कोई भी सुखन लिखना,
कलम ए दर्द ने चलने की जरुरत समझी,

नहीं करते सौदाई ईश्क के बाजार में,
तुने प्यार में तजारत की जरुरत समझी,

रुसवा हो के मुहँ फेर लेते हो अब तो,
हमने तो तुझ में ढलने की जरुरत समझी,

वापस लौट के आना तू मनाने पे मेरे,
हमने सिर्फ़ प्यार करने की जरुरत समझी !

नीशीत जोशी  05.02.15

જલાવી દીવો હવે કેમ ઓલાવે છે ?

306635__candle-flame-fire_p

ફરી પાછો જન્મદિન આવે છે,
જૂની પળોની યાદ તડપાવે છે,

વર્ષ એક ઓછા થયું તેને ભૂલી,
નવ-વર્ષને આશા ભરમાવે છે,

સોગાતો ભેગી કરી ઘણી તેની,
આપવું છે જે તે ક્યાં જણાવે છે,

તરસે મુજ હૃદય પામવા હૃદય,
તેને ક્યાં સોગાત રૂપે લાવે છે,

મુજને રડાવી બીજા સંગ ગુફ્તગૂ,
લાગે છે રહે પડખે તેઓ ફાવે છે,

સાથ એક જન્મદિને તો તે આપે,
જલાવી દીવો હવે કેમ ઓલાવે છે ?

નીશીત જોશી 03.02.15

बामुश्किल झिझक हटी है अभी

600056_323794484377971_1973743958_n

कोई तो बात बनी है अभी,
पायल यहाँ खनकी है अभी,

देख के चाँद को गलिओं में,
तिश्नगी दिल में उठी है अभी,

वो वादियों में बन के खुशबू,
पूर-जोश यहाँ महकी है अभी,

जगा के ख्वाबो से, दोस्तों ने,
बताया चाँदनी खिली है अभी,

आग़ोश में भर लेते उसे मगर,
बामुश्किल झिझक हटी है अभी !!!!

नीशीत जोशी 28.01.15

वह मेरे दिल में ही बसता होगा

1619449_1009147195778410_1143271081758811932_n

वह भी कहीं मेरे जैसे ही आहें भरता होगा,
पता करना वह मेरे जैसे ही तड़पता होगा,

ढूँढ लेना उसे किसी बागो में फूलो के बीच,
वह वहीँ खुशनुमा वादीओ में महकता होगा,

मुश्किल होगी काट पाना ये जिंदगी अकेले,
जैसे मैं मरता हूँ वह भी हर पल मरता होगा,

ढूंढना उसे महफ़िल में चरागों के आस पास,
यक़ीनन वह परवानो के जैसे जलता होगा,

ना ढूँढ पाओ अगर उसे हाथो की लकीरो में,
तो मान लेना वह मेरे दिल में ही बसता होगा !!!!

नीशीत जोशी 23.01.15

क्या करेगी ?

10715_10204607284375476_5420668860843510181_n

जलता चराग को हवा क्या करेगी ?
आईने के सामने अदा क्या करेगी ?

हो हौसला उड़ान का उन परिंदो को,
क़फ़स की पाबंधी नया क्या करेगी ?

जो हो फितरत से ही मसरूर यहाँ,
उसे अंजुमन की खफा क्या करेगी ?

तालीम पायी हो जिसने बेवफाई की,
माशूक़ होते हुए भी वफ़ा क्या करेगी ?

खाया हो धोका जिसने हरबार इश्क़ में,
जिंदगी उसे मौत दे के दगा क्या करेगी ?

नीशीत जोशी 18.01.15