नही होता

जख्म पे और जख्म का असर नही होता,
बेवफाइ के किस्सोमें वफा का जीक्र नही होता,
अपनो के दिये जख्मो मे खो गये इतना,
अब जख्मो पे कोइ मल्हम का असर नही होता,
आजमा लिया प्यार को बदनाम करनेवालो को,
अब अन्जान राहो मे किसीका एतबार नही होता,
आये थे अकले जहां मे नीकल पडे अकले अब,
कब्र में भी पडे पडे उनका इजहार नही होता ।

नीशीत जोशी

तेरे इन्तजार में

जिन्दगी गुजर गयी तेरे इन्तजार में
खुले रखे थे द्वार तेरे इन्तजार में

शायद रास न आया हो हमारा पथ
अब एकबार आ जाना मेरी मजार में

फुल न भी रखो तो कोइ गम नही
ता-उम्र काटी तेरे लिये बागो बाहार में

नीशीत जोशी

રુડુ લાગે છે


સાનિધ્ય તમારુ અમને રુડુ લાગે છે
ઇશ્વરની અનમોલ રમતનુ રમકડુ લાગે છે

દરિયાના પ્રવાહમા તૂટે છે કિનારા પણ
અમને તો પ્રેમ પ્રવાહમા તણાઇ જવુ રુડુ લાગે છે

કહે છે પ્રેમમા  બધુ ખોઇ ને રડવાનુ થાય
અમને તો રડવાનુ પણ તેમા રુડુ લાગે છે

જોઇને દિવાનાને હસે છે લોકો અહિં
હસવા હસવવાનુ અમને તો રુડુ લાગે છે

નીશીત જોશી

आज वो नही है


आज वो खुश्बु इन फिजा में नही है,
आज वो महक इन बहारो में नही है,
चाहे करे लाख कोशीश उन्हे भुलानेकी,
आजभी वो कयामती रात जहनसे जाती नही है,
उतर के आये थे वो चाद सीतारे उनके लिये,
न जान सके वोह की उन में अब रुह नही है,
नीकाला जा रहा है जनाजा फुलो से सजा कर,
मगर फुलो मे आज वो सुंदरता नही है,
कहा लोगो ने सुन भी लिया हमने,
पर यकिन नही होता आज वो साथ नही है ।

नीशीत जोशी

કેમ?

હર ધડી મારી સામે રહેનાર આજ દુર છો કેમ?
થયુ છે શું આમ આજ ગમગીન લાગો છો કેમ?
કર્યુ કંઇ અમે તે આમ આજ અબોલા લીધા,
બંધ હોઠ કરી ચુપચાપ મનમા આજ બોલો છો કેમ?
ખોટુ જો લાગ્યુ હોય કંઇ તો કહી થાવ હલકા,
આમ નયનો ને દરીયામા આજ ડુબાળો છો કેમ?

નીશીત જોશી

हम जोड देंगे

कसम से तुम्हारी कसम हम तोड देंगे

हर वाकिया में तेरा वाकिया जोड देंगे

न रुक सकेगे रुकने को जो कहोगे

हर जझबात से तेरे जझबात जोड देंगे

जानते है, प्यार तो प्यार है यही कहोगे

हर इजहार को तेरे इजहार से जोड देंगे

»♥« नीशीत जोशी»♥«

दिया वादा, आये और पुरा कर गये

मैयत मे वोह रौनक कर गये,
दिया वादा, आये और पुरा कर गये,
फुलो से छिन के महक उसकी,
अपनी खुश्बु से खुशनुमा कर गये,
रोना न था उन्हे पर रो लिया उसने,
आंखो के मोतीओ से कफन गीला कर गये,
भले ही आये हो वोह जग-दिखावे के लिये,
नफरत से ही आये पर महोब्बत कर गये ।
नीशीत जोशी